By | April 3, 2020

तब्‍लीगी जमात ने लॉकडाउन पर फेरा पानी, अप्रैल के अंत तक चरम पर पहुंच सकता है कोरोना का कहर!

भारत में इसका पीक अब अप्रैल के अंतिम हफ्ते या मई के पहले हफ्ते में दिखने को मिल सकता है। सरकार की माने तो कोरोना के खिलाफ लड़ाई में काफी हद तक सफलता मिल रही थी, लेकिन तबलीगी जमात ने सारी उपलब्धियों पर पानी फेर दिया। तब्‍लीगी जमात ने कोशिशों पर फेरा पानी, अप्रैल के अंत तक चरम पर पहुंच सकता है कोरोना का कहर! तब्‍लीगी जमात की करतूतों के कारण कारण का कहर लंबा खिंच सकता है। अप्रैल के अंत तक चरम पर पहुंच सकता है आइसीएमआर के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने आशंका जताई कि कोरोना से ग्रसित मरीजों की संख्या और तेज गति से बढ़ सकती है। इसके चरम पर पहुंचने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि यह अप्रैल के अंत या फिर मई में देखने को मिल सकता है। यानी उसके बाद ही कोरोना के मरीजों की संख्या में कमी आनी शुरू होगी। उनके अनुसार अगला एक हफ्ता भारत के लिए अहम साबित होगा और उसके बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। उन्होंने कहा कि अगले एक हफ्ते में यह पता चलेगा कि तब्‍लीगी जमात के लोग अपने संपर्क में आने वाले कितने लोगों तक इस वायरस को पहुंचा चुके हैं। इसके आधार पर होगा कि यह चेन आगे कहां तक जाएगा।

मानव कोरोना वायरस रोगों का प्रकोपः गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम या सार्स र् सन 2002-2004 में, गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम (सार्स) का प्रकोप हुआ, जिसके एशिया से दुनिया के अन्य देशों में तेज बुखार, सूखी खांसी और डायरिया के लक्षणों के साथ  मामले पाए गए। नवंबर, 2002 में इस संक्रमण का पहला मामला चीन के सूं जिला में पाया गया था। इस वायरस से 8000 से अधिक लोग संक्रमित थे और 700 से ज्यादा की मृत्यु हुई थी।

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