अंतरिक्ष वैज्ञानिक बना हिमाचली बेटा ISRO में वैज्ञानिक बना सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने वाला प्रषुम्न

अंतरिक्ष वैज्ञानिक बना हिमाचली बेटा ISRO में वैज्ञानिक बना सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने वाला प्रषुम्न

NEW DELHI: बेटा अपना नाम कर जाए इससे बड़ी खुशी मां बाप के लिए और कुछ नहीं हो सकती। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के द्रंग विधानसभा हल्के के गांव गवारडू (नौ मील) से संबंध रखने वाले प्रषुम्न ने भारत सरकार के प्रतिष्ठित स्पेस एजेंसी में इसरो में सेवाएं देनी शुरू कर दी हैं। प्रषुम्र का चयन दिसंबर 2018 में आईआईटी कानपुर में कैंपस प्लेसमेंट के दौरान ही हो गया था, जहां पर वह एमटेक कर रहे थे। प्रषुम्न के पिता घनश्याम भारतीय जीवन बीमा निगम में विकास अधिकारी हैं, जबकि माता ऋतु सुमन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला साहल में अंग्रेजी के प्रवक्ता है। बेटे की ज्वाइनिंग पर घनश्याम और ऋतु सुमन ने बताया कि प्रषुम्र ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा आईटीबीपी के रिकॉन्ग पिओ किन्नौर स्थित स्कूल से की। इसके बाद वह सरस्वती विद्या मंदिर मंडी, डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल मंडी तथा जीनियस इंटरनेशनल स्कूल नेरचौक में पढ़ा और 12वीं तक की शिक्षा ग्रहण की। आईआईटी प्रवेश परीक्षा पास करने पर उसका चयन कानपुर में मेकेनिकल इंजीनियरिंग में हुआ। उसका शुरू से ही लक्ष्य इंजीनियर बनना था, जिसके लिए उसने कड़ी मेहनत की और आखिर वह इस मुकाम तक पहुंच गया।वह अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और अध्यापकों के साथ-साथ अपने स्वर्गीय नाना को देते हैं, जो बचपन से उसे अब्दुल कलाम कहा करते थे। प्रषुम्न अब्दुल कलाम के जीवन से प्रभावित हैं और उन्हें अपना आदर्श मानते हैं।.

 

अब्दुल कलाम आदर्श वह अपनी इस सफलता का श्रेय
अपने माता-पिता और अध्यापकों के साथ-साथ अपने स्वर्गीय नाना को देते हैं, जो बचपन से उसे अब्दुल कलाम कहा करते थे. प्रषुम्न अब्दुल कलाम के जीवन से प्रभावित हैं और उन्हें अपना आदर्श मानते हैं.

 

 

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