अब गगनयान की तैयारी, भारत के अब तक के सबसे बड़े अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ की तैयारियों में जुटा इसरो

अब गगनयान की तैयारी, भारत के अब तक के सबसे बड़े अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ की तैयारियों में जुटा इसरो

भारत एक के बाद एक मिशन की सफलता के बाद जहां अंतरिक्ष के क्षेत्र में झंडे गाड़ रहा है. वहीं अब तक के सबसे महत्वपूर्ण मिशन गगनयान की तैयारियों में भी इसरो जुट गया है. तो दूसरी ओर 2021 दिसंबर तक डेडलाइन रख इसरो भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी में जुटा है. वायु सेना के सूत्रों ने बताया कि प्रारंभिक चयन प्रक्रिया में 25 टेस्ट पायलटों ने हिस्सा लिया. चयन प्रक्रिया में अभी कई चरण होंगे और सिर्फ 2-3 टेस्ट पायलट ही अंतिम सूची में शामिल
हो पाएंगे. वायु सेना ने ट्वीट किया कि मिशन गगनयान-भारतीय वायु सेना ने भारतीय अंतरिक्षयात्री चयन के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस में पहला स्तर पूरा कर लिया.

वायु सेना ने ट्वीट किया

चयनित टेस्ट  पायलट गहन शारीरिक अभ्यास जांच, प्रयोगशाला जांच, रेडियोलॉजिकल जांच, क्लीनिकल जांच और मनोवैज्ञानिक स्तर पर कई तरह की जांच से गुजरे. उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जा रहा है गगनयान के तहत शुरुआती ट्रेनिंग भारत में होगी जबकि इसकी एडवांस ट्रेनिंग रूस में दी जाएगी. अंतरिक्ष में जाने वाले दल में महिला भी होंगी. गगनयान मिशन के लिए केंद्र सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये का फंड जारी किया है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस मिशन को ऐतिहासिक बताया था. इसरो अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए सबसे बड़े रॉकेट GSLV Mk III का इस्तेमाल करेगा. अंतरिक्ष में जाने वाले इन अंतरिक्ष यात्रियों को व्योमनॉट्स के नाम से जाना जाएगा. व्योम एक संस्कृत भाषा का शब्द है जिसका अर्थ अंतरिक्ष होता है. बीते कुछ वर्षों में भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं. अब सबकी नजर भारत के इस मानव मिशन पर टिकी हैं.

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