भत्ता वृद्धि मामला जनता के विरोध के बाद सरकार बैकफुट पर है सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार करेगी.

भत्ता वृद्धि मामला जनता के विरोध के बाद सरकार बैकफुट पर है सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार करेगी.

शिमला. हिमाचल प्रदेश में मंत्रियों और विधायकों के यात्रा भत्ते बढ़ाने को लेकर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है.  सियासी नेताओं के बयानों और आम जनता के विरोध के बाद सरकार बैकफुट पर है. बड़ा सवाल अब यह है कि क्या हिमाचल सरकार इस फैसले से पीछे हटेगी? और भत्ता बढ़ोतरी का फैसला वापस लेगी. सीएम जयराम ठाकुरने कहा कि पूर्व की सरकारों ने भी भत्ते बढ़ाए हैं. हमारी सरकार के फैसले को बेवजह तूल दिया जा रहा है. जिन विधायकों को फैसले पर आपत्ति है तो वे लिख कर दे सकते हैं. सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार करेगी.

मुस्कुराते हुए यह बोले सीएम
सीएम ने मुस्कुराते हुए कहा कि आजकल सब हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं. हम सबका अभिनंदन करते हैं. उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों ने भी भत्ते बढ़ाए हैं. हमारी सरकार के फैसले को बेवजह तूल दिया जा रहा है. सीएम ने कहा कि जिन विधायकों को फैसले पर आपत्ति है तो वे लिख कर दे सकते हैं. सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार करेगी.

पूर्व CM धूमल की नसीहत, ऐसे फैसलों से बचे सरकार.
बता दें कि बीते बुधवार को पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल ने कहा था कि विधायक अपने ही वेतन-भत्ते बढ़ाएंगे तो आलोचना तो होगी ही. खासकर ऐसे वक्त पर जब प्रदेश आर्थिक संकट से गुजर रहा हो.  धूमल ने नसीहत दी थी कि लोकराज लोकलाज से चलता है. धूमल ने कहा था कि मंत्रियों और विधायकों के वेतन-भत्ते बढ़ाने के लिए भी पे-कमीशन होना चाहिए. भत्ता बढ़ोतरी मामला: पूर्व CM  धूमल की नसीहत, ऐसे फैसलों से बचे सरकार.

विरोध केवल सीपीआईएम विधायक राकेश सिंघा ने किया था
यात्रा भत्ते बढ़ाने का विरोध केवल सीपीआईएम विधायक राकेश सिंघा ने किया था. कांग्रेस और भाजपा के सभी विधायकों ने विधानसभा में बिल का समर्थन किया था. हालांकि, निजी तौर पर कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने भत्ता बढ़ाने का विरोध किया था, लेकिन सदन में जब बिल पारित हो रहा था तो वह चुप्प रहे. अब जनता के विरोध के बाद दो विधायकों ने यात्रा भत्ता लेने से इंकार कर दिया है.

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