By | September 24, 2020

बनारस की शिवांगी होंगी राफेल उड़ाने वाली पहली महिला पायलट बचपन से था जहाज उड़ाने का सपना…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक और कीर्तिमान जुड़ गया। फाइटर विमान राफेल के स्क्वाड्रन गोल्डन एरो में पहली महिला फ्लाइट लेफ्टिनेंट वाराणसी की शिवांगी सिंह शामिल हुई हैं। शिवांगी सिंह इससे पहले मिग-21 उड़ा चुकी हैं। अब वो राफेल के 17 गोल्डन एरो स्क्वाड्रन टीम में शामिल हो गई हैं। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन में शिवांगी को इसकी ट्रेनिंग भी दी जा रही है। शिवांगी भारतीय वायु सेना में 2017 में शामिल हुई थीं। शिवांगी की इस सफलता पर मां सीमा सिंह ने कहा कि बेटी ने जो सपना देखा थाअंबाला आने से पहले शिवांगी राजस्थान में पाकिस्तानी सीमा से लगे एयरबेस पर तैनात थीं। वहां उन्होंने विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान के साथ भी काम किया, जिन्होंने बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद मिग-21 से पाकिस्तानी वायुसेना के फाइटर जेट को मार गिराया था।वहीं इस बाबत जानकारी मिलने के बाद से ही शिवंगी के घर में जश्‍न का माहौल है। परिवार को जहां अपनी बेटी पर गर्व है वहीं पड़ोसियों के अनुसार शिवांगी के सपने हमेशा से ऊंचे रहे हैं और आज वह आसमान की बुलंदियों को छू रही है।बनारस की शिवांगी को राफेल स्क्वाड्रन की पहली महिला फाइटर पायलट बनने का मौका मिला

फ्रांस से राफेल विमानों का बेड़ा भारत आने के बाद से ही चर्चा थी
फ्रांस से राफेल विमानों का बेड़ा भारत आने के बाद से ही चर्चा थी कि आखिर कौन फाइटर पायलट इसे उड़ाएगा. इसमें पुरुषों के साथ महिला पायलट भी होंगी या नहीं जैसी चर्चा हो रही थी. अब इस चर्चा पर बनारस में पली बढ़ीं और बीएचयू से एनसीसी करने वाली शिवांगी ने विराम लगा दिया है. शिवांगी भारतीय वायु सेना की राफेल स्क्वाड्रन की पहली महिला फाइटर पायलट बनने का सौभाग्‍य हासिल किया है..

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शिवांगी के चचेरे दादा सुधीर सिंह ने बताया वो घर से सुबह 6 बजे निकलती थी और 8 बजे रात को घर आती थी। लोग तमाम बातें करते थे। उसको गलत समझते थे, पढ़ती है कि घूमती है। आज वही लोग बधाइयां दे रहे हैं। उसने ग्रेजुएशन बीएचयू से किया है। वह अच्छी एथलीट है। गिटार भी बजाती है। शिवांगी का घर कैंटोनमेंट एरिया में है। फौजियों को देखकर उसके मन मे देश सेवा का भाव बचपन से था।</p>

वायुसेना में 10 महिला फाइटर पायलट
अभी वायुसेना में 10 महिला फाइटर पायलट और 18 नेवीगेटर हैं। वायुसेना में महिला अधिकारियों की संख्या 1875 है। 2018 में फ्लाइंग ऑफिसर अवनि चतुर्वेदी अकेले लड़ाकू विमान उड़ाने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं।उनके अलावा फ्लाइट लेफ्टिनेंट मोहना सिंह और फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कंठ पहली बार बतौर फाइटर पायलट वायुसेना में शामिल हुईं। इसके बाद सरकार ने महिलाओं के लिए भी प्रायोगिक तौर पर फाइटर स्ट्रीम खोलने का फैसला किया।

 

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